महादेव ऐप चैट विवाद: भूपेश बघेल के खिलाफ वायरल कथित फर्जी चैट पर बवाल, वायरल चैट को बताया फर्जी, कांग्रेसियों ने थाने पहुंचकर कार्रवाई की मांग की
रायपुर, 17 जून 2026. सोशल मीडिया पर महादेव बेटिंग ऐप के कथित प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के साथ वायरल हो रही चैट को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेश बघेल ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने वायरल चैट को पूरी तरह फर्जी, मनगढ़ंत और फोटोशॉप से तैयार बताया है। साथ ही चेतावनी दी है कि इस मामले में उनकी लीगल टीम कानूनी कार्रवाई करेगी।
वायरल पोस्ट के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने भिलाई-3 थाना परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक कथित इंस्टाग्राम चैट का स्क्रीनशॉट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें भूपेश बघेल और महादेव ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर के बीच बातचीत होने का दावा किया जा रहा है। वायरल पोस्ट को लेकर राजनीतिक गलियारों में भी चर्चाएं तेज हो गई थीं।
सुबह से फर्जी फ़ोटोशॉप के आधार पर एक खबर एक पोर्टल पर चलाई जा रही है.
उस वीडियो में दिखाए गए यूजरनेम का चैट बॉक्स आपके साथ साझा कर रहा हूँ. जिससे स्पष्ट है कि दिखाए गए यूजरनेम के साथ किसी भी तरह के संदेश का आदान-प्रदान नहीं हुआ है.
इन फर्जी खेल को खेलने वालों को बता देना चाहता… pic.twitter.com/8GdFZHBxxd
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हालांकि, भूपेश बघेल ने सोशल मीडिया के जरिए इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वायरल स्क्रीनशॉट में दिखाए गए यूजरनेम के साथ उनकी कोई बातचीत नहीं हुई है। यह पूरी तरह फर्जी सामग्री है, जिसे उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से तैयार कर प्रचारित किया जा रहा है।
बघेल ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सुनियोजित तरीके से झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस फर्जीवाड़े के पीछे कौन लोग हैं, इसकी जानकारी उनके पास है और उनकी कानूनी टीम पूरे मामले का परीक्षण कर रही है। जल्द ही जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
पूर्व मुख्यमंत्री ने मीडिया संस्थानों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं से भी अपील की कि किसी भी सामग्री को साझा करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें। उन्होंने कहा कि बिना पुष्टि के ऐसी भ्रामक सामग्री का प्रसार लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक संवाद को नुकसान पहुंचाता है।
गौरतलब है कि महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप मामला पहले से ही देशभर में चर्चा का विषय रहा है। इस मामले की जांच विभिन्न केंद्रीय और राज्य एजेंसियों द्वारा की जा चुकी है। ऐसे में वायरल चैट को लेकर शुरू हुए नए विवाद ने एक बार फिर राजनीतिक माहौल को गर्मा दिया है। अब सभी की नजर इस बात पर है कि भूपेश बघेल की ओर से प्रस्तावित कानूनी कार्रवाई आगे क्या मोड़ लेती है।
साइबर सेल कर रही जांच
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक साइबर सेल की मदद से वायरल पोस्ट और उसे प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच की जा रही है। भ्रामक और आपत्तिजनक सामग्री फैलाने वालों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से ज्ञापन प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भिलाई-3 थाना परिसर और आसपास के क्षेत्र में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। अब सभी की नजर पुलिस और साइबर सेल की जांच पर टिकी है कि वायरल पोस्ट के पीछे कौन लोग हैं और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।

